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छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग

Start Date: 27-03-2019
End Date: 01-12-2019

छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के ...

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छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास एवं राजकाज में उपयोग हेतु समस्त उपाय करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग' की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकारों को उनकी छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति सेवा हेतु 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग सम्मान 2010' से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी या छत्तीसगढ़ी से संबंधित किसी भी भाषा की पुस्तकों का क्रय कर संग्रहित करने की योजना 'माई कोठी' की पुस्तकों का क्रय करने की योजना है। छत्तीसगढ़ी के लुप्त होते शब्दों को संग्रहित करने हेतु 'बिजहा कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया जिसका उद्देद्गय राज्य के सभी लोगों से प्रचलन से बाहर हो रहे सभी शब्दों को संग्रह करने की योजना है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्विद्यालय में पी.जी.डिप्लोमा इन फंक्शनल छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया। छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा के बीच अंतरसंबंध विषय पर अंबिकापुर मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी प्रकार माई कोठी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ी में लिखे साहित्य का एकत्रीकरण किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास एवं राजकाज में उपयोग हेतु समस्त उपाय करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग' की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकारों को उनकी छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति सेवा हेतु 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग सम्मान 2010' से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी या छत्तीसगढ़ी से संबंधित किसी भी भाषा की पुस्तकों का क्रय कर संग्रहित करने की योजना 'माई कोठी' की पुस्तकों का क्रय करने की योजना है। छत्तीसगढ़ी के लुप्त होते शब्दों को संग्रहित करने हेतु 'बिजहा कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया जिसका उद्देद्गय राज्य के सभी लोगों से प्रचलन से बाहर हो रहे सभी शब्दों को संग्रह करने की योजना है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्विद्यालय में पी.जी.डिप्लोमा इन फंक्शनल छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया। छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा के बीच अंतरसंबंध विषय पर अंबिकापुर मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी प्रकार माई कोठी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ी में लिखे साहित्य का एकत्रीकरण किया जा रहा है।

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#ChhatisgarhMyGov
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V K TYAGI 8 months 4 days पहले

छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा देकर राज्य सरकार ने अच्छा कार्य किया यह राज्य के नागरिकों के लिए सम्मान की बात है कि उनके प्रदेश में उनके द्वारा बोली जाने वाली भाषा ही राजभाषा हो इससे उन्हें सरकारी कार्य में आसानी होगी एवं उनकी प्राथमिक शिक्षा भी अपनी राजभाषा में हो जाएगी इस प्रकार से बच्चों को भाषा सीखने में भी आसानी होगी एवं अन्य विषय को भी है बचपन में आसानी से अपनी राजभाषा में सीख पाएंगे अत सरकार का यह कदम सराहनीय है

11410

KHILAWAN SINGH THAKUR 8 months 5 days पहले

छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी को राज भाषा की दर्जा प्राप्त कर पूरे देश में इस भाषा की पहचान मिल गया है और यह भाषा सबसे आसानी से बोली जाने वाली जिसका उत्भव संस्कृत भाषा से माना जाता है।
इसकी व्याकरण विधा बहुत ही जटिल है किन्तु आम बोल चाल की तरीके से सहज और सुमधुर भाषा है जिसकी एक अलग ही पहचान मिली है जो हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा मिला जुला भाषा है और शिक्षा के क्षेत्र में भी इस भाषा में विद्यालयों में अध्ययन किया जा रहा है और हर क्षेत्रों में भी अन्य भाषाओं में इसकी महत्ता बढ़ा हुआ है।

5790

ISHWARY PRASAD KURREY 8 months 1 week पहले

जब हमन सब अपन भाषा छत्तीसगढ़ी म बात करथन त बनेच खुश अउ कोई भी चीज ला जल्दी समझ जाथन उसने लइका मन घलो समझते अउ जवाब देते त भाषा बनहि तहा सब अपन आप ला ये राज्य के लोग और सब के सम्मान हो पाहि।

11300

Harshal Chandrakar 8 months 2 weeks पहले

शिक्षा के शुरुआत हा घर अऊ पाठशाला ले होथे, शहर के बड़े-बड़े स्कुल में पढ़ैया लईका मन ला तो एकोकन छत्तीसगढ़ी नई आये, गाँव के लईका मन ला तो छत्तीसगढ़ी आथे लेकिन आधारभूत सब्द मन नंदा जात हे, तेकर सेती सब्बो स्कुल म छत्तीसगढ़ी विषय अऊ आनी बानी के प्रतियोगिता रखवाना चाहिये, अऊ इनाम प्रोत्साहन घलो देना चाहिये.

34530

Hindusree Tallapally 8 months 2 weeks पहले

An Act to constitute the "Chhattisgarh Official Language Commission" with the object to preserve, prevail and develop the State's tradition of ideas and the complete linguistic variety of the State and to encourage the traditional language of Chhattisgarhi through linguistic studies, research and documentation, creations and translations, conservation, publications, suggestions and recommendations, as also towards promoting the use of the language in Government.

19720

Sandeep Shaw 8 months 4 weeks पहले

In order to promote the regional language of Chhattisgarh, various scholarship programme should be launched for those students who are doing academically well in this languages.
Children from their grassroots level should be able to comprehend the importance of this language. If we are able to produce a good generation of youth tomorrow, they would surely will try their best to retain the culture heritage of the languages of Chhattisgarh.