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छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग

छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के ...

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छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास एवं राजकाज में उपयोग हेतु समस्त उपाय करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग' की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकारों को उनकी छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति सेवा हेतु 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग सम्मान 2010' से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी या छत्तीसगढ़ी से संबंधित किसी भी भाषा की पुस्तकों का क्रय कर संग्रहित करने की योजना 'माई कोठी' की पुस्तकों का क्रय करने की योजना है। छत्तीसगढ़ी के लुप्त होते शब्दों को संग्रहित करने हेतु 'बिजहा कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया जिसका उद्देद्गय राज्य के सभी लोगों से प्रचलन से बाहर हो रहे सभी शब्दों को संग्रह करने की योजना है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्विद्यालय में पी.जी.डिप्लोमा इन फंक्शनल छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया। छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा के बीच अंतरसंबंध विषय पर अंबिकापुर मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी प्रकार माई कोठी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ी में लिखे साहित्य का एकत्रीकरण किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास एवं राजकाज में उपयोग हेतु समस्त उपाय करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग' की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकारों को उनकी छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति सेवा हेतु 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग सम्मान 2010' से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी या छत्तीसगढ़ी से संबंधित किसी भी भाषा की पुस्तकों का क्रय कर संग्रहित करने की योजना 'माई कोठी' की पुस्तकों का क्रय करने की योजना है। छत्तीसगढ़ी के लुप्त होते शब्दों को संग्रहित करने हेतु 'बिजहा कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया जिसका उद्देद्गय राज्य के सभी लोगों से प्रचलन से बाहर हो रहे सभी शब्दों को संग्रह करने की योजना है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्विद्यालय में पी.जी.डिप्लोमा इन फंक्शनल छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया। छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा के बीच अंतरसंबंध विषय पर अंबिकापुर मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी प्रकार माई कोठी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ी में लिखे साहित्य का एकत्रीकरण किया जा रहा है।

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#ChhatisgarhMyGov
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12 रिकॉर्ड मिला है

EKTA GUPTA 3 months 3 weeks पहले

छतीसगाडिया सेबल बढ़िया, सबसे मिठी बोली ,सबसे सरल शब्द,,
,मोर माटी ,मोर भाषा,मोर प्रदेश ,अब हम भी बोले अपने प्रदेश की भाषा में ,
गर्व है मझे, राज्य की भाषा में ,
छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का ये एक बहुत अच्छा प्रयत्न है,,,

Pushkal Sharma 4 months 2 weeks पहले

भाषा हमारी पहचान है और अपनी पहचान बताने में हमें संकोच नहीं करना चाहिए। हम छत्तीयगढ़िया है और छत्तीसगढ़ी भाषा हमारी पहचान है। सुख समृद्धि के पहचान छत्तीसगढ़ हे वो नाम।

Rakesh Kumar Sahu_5 4 months 3 weeks पहले

छत्तीसगढ़ी भाखा हर हमार गुरतुर अउ राजभाषा ए छत्तीसगढ़ी भाखा ल हमर छत्तीसगढ़ राज्य के सब्बो सरकारी कार्यालय म काम काज के जरूरी भाखा बनाना चाही ,
त जम्मो संगी मन बतावव की मोर कहना सही हावय के नही

Firoj singh Thakur 4 months 3 weeks पहले

Chhattisgarhi भाषा के रचना ला संग्रहित करे बर जो काम होवत हे बड मजेदार हे । जेमा नामकरण वाला बात हर मोल अड्बड़ निक लगिस हावे। ये हर बड़ सुग्घर बात हे । आऊ हमन हमर बात ला जेमा रख सकथन मन ला भा गिस।