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कक्षा शिक्षण के दौरान टेक्नोलोजी का उपयोग

Start Date: 06-10-2018
End Date: 01-11-2018

छ्त्त्तीसगढ़ में स्कूलों में शालाकोश योजना के अंतर्गत टेबलेट का ...

विवरण देखें जानकारी छिपाएँ

छ्त्त्तीसगढ़ में स्कूलों में शालाकोश योजना के अंतर्गत टेबलेट का वितरण किया गया है | वर्तमान में इन टेबलेट के माध्यम से शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति ली जा रही है परन्तु धीरे-धीरे इनके उपयोग से कक्षा अध्यापन में भी सहयोग लिया जाएगा | राज्य में शिक्षकों व्दारा टेक्नोलोजी का बेहतर उपयोग किया जाने लगा है | कई शालाओं में शिक्षकों ने स्वयं के व्यय से कम्प्युटर, प्रोजेक्टर आदि क्रय कर बच्चों को पढ़ना शुरू किया है और कई शालाओं में समुदाय ने स्वयं पहल कर शाला के लिए संसाधन जुटाएं हैं | इन शालाओं में शिक्षक अपने प्रयास से स्मार्ट कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं |

आपसे अनुरोध है कि आप ऐसे शालाओं के बारे में जानकारी देते हुए इन स्मार्ट कक्षाओं में बच्चों को किस प्रकार से सिखाया जा रहा है, उसका विवरण छायाचित्रों के साथ एक सफलता की कहानी के रूप में अच्छे से दस्तावेजीकरण करते हुए उपलब्ध कराएं | हम ऐसी शालाओं के शिक्षकों को समानित करने के साथ-साथ उनका उन्मुखीकरण करते हुए उन्हें कक्षानुरूप बेहतर डिजिटल संसाधन से लैस करने हेतु आवश्यक कार्यवाहियां करेंगे ताकि अन्य शालाओं को भी ऐसी पहल करने के लिए प्रोत्साहन मिले |

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ViSHWAS kumar tiwari 4 years 11 महीने पहले

बुनियादी शिक्षा से आशय बच्चे का शारिरिक, मानसिक ,बौद्धिक एवं अध्यात्मिक विकास करना है।
अध्यात्मिक विकास के अंतर्गत नैतिक मूल्य,मानवीय मूल्य,व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण करना है।वर्ततमान परिवेश को देखते हुए ।सरकारी ,निजी दोनो विद्धालयो मे बच्चो का सर्वागिण विकास वर्तमान शिक्षा प्रणाली के द्वारा नही हो पा रहा है ।

शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य बनाना है।

Sudhish Kumar 4 years 11 महीने पहले

हमारे राज्य में बहुत सारे स्कूलों में शिक्षकों ने स्वयं के व्यय से या फिर समुदाय की इच्छा से सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर प्रोजेक्टर आदि उपलब्ध कराए गए हैं और उनके माध्यम से बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा देने का प्रयास कुछ चुनिंदा शिक्षक कर रहे हैं जिनकी जानकारी सभी तक पहुंचाना आवश्यक है ताकि ऐसे काम केवल कुछ सीमित जगह में ना होते हुए उसका फायदा हमारे सभी स्कूलों को मिले और लोग अपनी इच्छा से ऐसी शालाओं को सहयोग दें