भारत संरचनात्मक दृष्टि से गांवों का देश है जहां प्रमुख रूप से कृषि कार्य किया जाता है। इसलिए भारत को कृषि प्रधान देश की संबा प्राप्त है। देश के लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि एवं संबंधित कार्यों से अपना जीविकोपार्जन करती है। देश एवं प्रदेश की आर्थिक उन्नती में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे किसान देश एवं प्रदेश की रीढ़ की हड्डी हैं। यह हमारे किसानों की मेहनत एवं समर्पण का ही परिणाम है कि आज हमारा देश विभिन्न कृषि उत्पादों में न केवल अत्मनिर्भर एवं आत्मसंपन्न है बल्कि निर्यातक भी है। यह भी सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। वर्तमान में छ.ग. राज्य न केवल धान उत्पादन में अग्रणी है वरन अन्य फसलों जैसे विभिन्न दलहनी-तिलहनी फसलों वाणिज्यिक फसलों, सब्जी एवं फल उत्पादन के क्षेत्र में भी निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
छ.ग. राज्य को नई ऊँचाईयों तक पहुंचाने वाले मेहनत किसानों के आर्थिक एवं समाजिक उत्थान के लिए प्रदेश की सरकार हमेशा से ही प्रयासरत रही है। प्रदेश के किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने तथा किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी राज्य सरकार कार्यरत है। राज्य सरकार की मंशानुरूप प्रदेश में कृषि एवं कृषकों के भविष्य को बेहतर बनाने तथा उनके आर्थिक एवं समाजिक उत्थान के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव/विचार Chhattisgarh.mygov.in पर साझा करें।
Umesh Nishad 2 years 10 months ago
kisan ke baccho ko education ke sector me protsahan milna chahiye
LAXMAN PATEL 2 years 10 months ago
Chhote kisano ke liye mini combine harvester uplabdh karaiye.
Rishi Pandey 2 years 10 months ago
Farmers feeds the whole country.Some major steps should be taken to improve their condition and earning that are:
1.Proper training for choosing best crop for the soil.
2.Proper place and price for selling their crops.
3.Develop a compatative spirit among farmers in panchayat for better result.
4.Make them feel agriculture as their pride that is by improving their living conditions,health,educating them about their good and bad.
Raj Kumar Pal 2 years 11 months ago
जब तक किसी भी कृषि उत्पाद का थोक MSP न्यूनतम 15/- कि.ग्रा. नहीं होता, तब तक भाषण सुनने में ही अच्छे लगेंगे,कृषि की वास्तविक दुनिया में कोई अर्थ नहीं।
Raj Kumar Pal 2 years 11 months ago
कृषि और कृषक की उन्नति के लिए सार्वजनिक मंचों पर अपने उद्गार व्यक्त करना जितना आसान है, उससे कहीं अधिक कठिन है एक किसान का जीवन जीना।
यदि एक टमाटर उत्पादक किसान का उदाहरण लें तो टमाटर की खेती में प्रति एकड़ सकल लागत १लाख रूपये तक पहुँच जाती है। इतना व्यय करने के बाद भी यह सुनिश्चित नहीं हो पाता की लाभ कितना मिलेगा?या यूँ कहें की मिलेगा भी या नहीं?
Dageshwar Prasad sahu 2 years 11 months ago
किसानों के लिए हर ब्लॉक में सभी उत्पादों का बाजार तैयार करे ।
radheshyam vishwkarma 2 years 11 months ago
मैं छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं! जिस ने जनता को डिजिटल आयाम दिया! इसके कारण हर एक व्यक्ति सरकार तक अपनी बात को रख सकता है! छत्तीसगढ़ सरकार की यह मुहिम जनता के लिए बहुत ही अच्छी साबित होगी मेरी ओर से छत्तीसगढ़ सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद?
ViSHWAS kumar tiwari 2 years 11 months ago
कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ के साथ-साथ मानव जीवन आस्तित्व के लिए कृषि आवश्यक है ।वर्तमान मे प्रत्येक हायर सेकेण्डरी स्कूलो मे कृषि संकाय आवश्यक रुप से खोला जाना चाहिए ।कृषि विभाग के अधिकारी को इन स्कूलो से जोडते हुए ।प्रत्येक गाँव के तासिर के आधार पर इको जो बनाना प्रस्तावित हो कि किस गाँव मे कौन सा फसल का अच्छा उत्पादन हो सकता है ।
कृषि कार्य मे मजदूरो को सरकार की मनरेगा स्कीम से जोडना चाहिए।
वर्तमान समय.मे हम ग्लोबल वार्मिग के दौर से गुजर.रहे है ।खेती मे परंपरागत साधनो के उपयोग को बढावा देने की
Kiran kumar verma 2 years 11 months ago
वर्तमान दौर में कृषि कार्य में जो खर्च होता है। फसल का दाम खर्च की अपेक्षा बहुत ही कम है। किसान के उत्पादो का मूल्य यदि बढ़ा दिया जाय जिससे किसानों को लगे की इस कार्य में हमें मुनाफा हो सकता है, तभी तो वह कृषि कार्य की ओर आकर्षित हो पाएगा।