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छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग

Start Date: 27-03-2019
End Date: 24-02-2022

छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के ...

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छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास एवं राजकाज में उपयोग हेतु समस्त उपाय करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग' की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकारों को उनकी छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति सेवा हेतु 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग सम्मान 2010' से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी या छत्तीसगढ़ी से संबंधित किसी भी भाषा की पुस्तकों का क्रय कर संग्रहित करने की योजना 'माई कोठी' की पुस्तकों का क्रय करने की योजना है। छत्तीसगढ़ी के लुप्त होते शब्दों को संग्रहित करने हेतु 'बिजहा कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया जिसका उद्देद्गय राज्य के सभी लोगों से प्रचलन से बाहर हो रहे सभी शब्दों को संग्रह करने की योजना है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्विद्यालय में पी.जी.डिप्लोमा इन फंक्शनल छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया। छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा के बीच अंतरसंबंध विषय पर अंबिकापुर मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी प्रकार माई कोठी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ी में लिखे साहित्य का एकत्रीकरण किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा प्रदान कर छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास एवं राजकाज में उपयोग हेतु समस्त उपाय करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग' की स्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकारों को उनकी छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति सेवा हेतु 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग सम्मान 2010' से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी या छत्तीसगढ़ी से संबंधित किसी भी भाषा की पुस्तकों का क्रय कर संग्रहित करने की योजना 'माई कोठी' की पुस्तकों का क्रय करने की योजना है। छत्तीसगढ़ी के लुप्त होते शब्दों को संग्रहित करने हेतु 'बिजहा कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया जिसका उद्देद्गय राज्य के सभी लोगों से प्रचलन से बाहर हो रहे सभी शब्दों को संग्रह करने की योजना है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्विद्यालय में पी.जी.डिप्लोमा इन फंक्शनल छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया। छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा के बीच अंतरसंबंध विषय पर अंबिकापुर मे संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी प्रकार माई कोठी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ी में लिखे साहित्य का एकत्रीकरण किया जा रहा है।

आपके मूल्यवान सुझाव / विचारों के जरिए इसको एक नया आयाम मिलेगा। आपका यह प्रयास एक सराहनीय कदम साबित होगा।

All Comments
#ChhatisgarhMyGov
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78 Record(s) Found
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Pushkar Mishra 2 days 6 hours ago

छत्तीसगढ़ी भाषा को राज्य भाषा का दर्जा प्राप्त होना ही चाहिए, क्योंकि आजकल के युवा छत्तीसगढ़ राज्य में रहने के बाद भी छत्तीसगढ़ी भाषा बोलने में असहज हो जाते है जो कि बहुत शर्म की बात है।

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ritu mishra 1 month 3 weeks ago

छ Chhattisgarh Rajya ke nivasi e atyant hi Bhole Bhale aur Sahaj pravati ke hote hain Chhattisgarhi Raja bhasha vah ki Drishti se atyant mahatvpurn Bhasha hai hai Chhattisgarhi ke dwara Ham Chhattisgarh ke Mul nivasiyon ke Jagran ke Vikas ko nirantar banae Rakh sakte hain hain apni Bhasha ki Samadhi aur Vikas ke liye Ye is Gad ko nirantar Prayas Rahana chahie Chhattisgarhi Bhasha Ko rajbhasha Ka darja dekar Ham Chhattisgarh Mein Vikas aur samudri ki Lahar La sakte hain

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SubhraDebnath 1 month 3 weeks ago

छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी बहुत ही सुलझे हुए होते हैं तथा किसी भी प्रकार की आलोचनाओं से दूर रहते हैं ।उनकी संस्कृति उनके व्यवहार में झलकती है।वे मेहनती और शांति प्रिय होते हैं। पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत ही समृद्ध है

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BENIPRASADURAON 1 month 3 weeks ago

Chattisgarh ek aisa Rajya hai jaha ke pada likha aadmi Chhattisgarhi bolne me sharm mahsus karta hai tatha apne aap ko chhota samajhta hai jo bade dukh ki baat hai chhattisgarh I Bhasha ko Rajya ka Rajbhasha banane tatha iska upyog shaskiy sansthano par bhi kiya jaana chahiye is Bhasha ka upyog ke liye logon ko prerit karne ki awasykata hai

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Yug Surana 1 month 3 weeks ago

छत्तीसगढ़ की राजभाषा “छत्तीसगढ़ी” है |
यह छत्तीसगढ़ में बोलचाल के लिए सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली बोली है |
छत्तीसगढ़ी भाषा को प्राचीनकाल में कोसली कहा जाता था |
छत्तीसगढ़ भाषा का सबसे प्राचीनतम आलेख दंतेवाडा में एक शिलालेख पर उकेरा गया है |
हीरालाल काव्योपाध्याय ने वर्ष 1885 में छत्तीसगढ़ी बोली का प्रथम व्याकरण तैयार किया था | इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ का पाणिनी भी कहा जाता है |
बता दे की छत्तीसगढ़ी बोली का कोई लिपि नहीं है, देवनागरी लिपि में ही छत्तीसगढ़ी को लिखा जाता है |
28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ

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Narayan prasad khare 1 month 3 weeks ago

छत्तीसगढ़ की छत्तीसगढ़ी भाषा का छत्तीसगढ़ मे राजभाषा का दर्जा मिलने के सत -साथ इसका शासकीय कार्यालयों मे भी उपयोग मे लाये जाने की आवश्यकता है क्योंकि की ज्यादातर छत्तीसगढ़ मे लोग गांवों मे निवासरत है जहा लोग 99%छत्तीसगढ़ी भाषा बोली जाति है. इस भाषा का बहुत ही पुरानी साहित्य रचनाएँ भी है साथ ही अपनी काला संस्कृति भी है.
यह अन्य भाषाओं के सामान छत्तीसढ़ी भाषा भी बहुत विकसित भाषा है

छत्तीसगढ़ मे साहित्य की दृष्टि से नचा गम्मत, सुआगीत, कर्मा, ददरिया, सलहो, jamageet, vivavahgeet, बॉस गीत. राउत नाच

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जादूगर आर आनंद PATHAK 2 months 2 days ago

ज्यादा तर लोग हिंदी जानते है उसके साथ छतीसगढ की लोकल भाषा को जोड़ दीजिये
हिन्दी को राज भाषा बनाये ये ही ठीक है

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Sanjay kumar 2 months 3 days ago

Jis tarah baki rajyo ki aapni bhasa hai usi trah
Chhattisgarh ki bhi alag pahcan hai.
C.g. bhasa ko Raj bhasa banane se kam
Nahi chalega.jab ise bade adhikari,
Mla apne bhasani me, intrview me samil karenge tabhi ye
Sabhaw hai. Log bhid chhattisgarhi bhasa bolne se
se srmate hai kuki rajbhasa tho bna
Diye lekin bolta koi nahi?

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sj j 2 months 6 days ago

राजभाषा प्रत्येक राज्य के लोगो के लिए आवश्यक और अलग पहचान होती है जो उन्हें अपने विचारो का बगैर झिझक के प्रस्तुत करने का साधन होती है|हमें गर्व हमारे छत्तीसगढ़ी भाषा पर और हम धन्यवाद देते है छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग को जिसने हमें राजभाषा के रूप में छत्तीसगढ़ बोली को दिया|छत्तीसगढ़ राजभाषा के बारे में अधिक जानने के लिए इसे जरुर पढ़ेhttps://jivtara.com/Question/%E0%A4%9B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%...